हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Thursday, February 7, 2019
सूचना
कल माँ ने यह कहा –-
कि उसकी शादी तय हो गई कहीं पर,
मैं मुसकाया वहाँ मौन
रो दिया किन्तु कमरे में आकर
जैसे दो दुनिया हों मुझको
मेरा कमरा औ' मेरा घर ।
-
दुष्यंत कुमार
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