हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Thursday, February 7, 2019
माया
दूध के कटोरे सा चाँद उग आया।
बालकों सरीखा यह मन ललचाया।
(आह री माया!
इतना कहाँ है मेरे पास सरमाया?
जीवन गँवाया!)
-
दुष्यंत कुमार
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