हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Wednesday, February 6, 2019
मेघ बजे
धिन-धिन-धा धमक-धमक
मेघ बजे
दामिनि यह गयी दमक
मेघ बजे
दादुर का कण्ठ खुला
मेघ बजे
धरती का ह्र्दय धुला
मेघ बजे
पंक बना हरिचंदन
मेघ बजे
हल्का है अभिनन्दन
मेघ बजे
धिन-धिन-धा...
-नागार्जुन
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