हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Wednesday, February 6, 2019
ईश्वर न करे
ईश्वर न करे तुम कभी ये दर्द सहो
दर्द, हाँ अगर चाहो तो इसे दर्द कहो
मगर ये और भी बेदर्द सजा है ए दोस्त!
कि हाड़ हाड़ चिटख जाए मगर दर्द न हो!
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धर्मवीर भारती
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