हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Wednesday, February 6, 2019
तप्त माथे पर
तप्त माथे पर, नजर में बादलों को साध कर
रख दिये तुमने सरल संगीत से निर्मित अधर
आरती के दीपकों की झिलमिलाती छाँह में
बाँसुरी रखी हुई ज्यों भागवत के पृष्ठ पर
धर्मवीर भारती
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