Thursday, January 24, 2019

आग और बर्फ

कुछ कहते हैं, विश्व एक दिन जल जाएगा, कुछ कहते हैं, विश्व एक दिन गल जाएगा। मुझे दीखता, दोनों ही सच हो सकते हैं। तृष्णा वह्नि है, जगती उसमें जल सकती है। घृणा बर्फ है, दुनिया उसमें गल सकती है। -रामधारी सिंह (दिनकर)

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