हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Friday, February 1, 2019
अंतरद्वंद्व
क्या सच है, क्या शिव, क्या सुंदर?
शव का अर्चन,
शिव का वर्जन,
कहूँ विसंगति या रूपांतर?
वैभव दूना,
अंतर सूना,
कहूँ प्रगति या प्रस्थलांतर?
-अटल बिहारी वाजपेयी
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