हिंदी काव्य पंक्तियाँ - Hindi Kavya Panktiya
Tuesday, February 5, 2019
जिस समय में
जिस समय में
सब कुछ
इतनी तेजी से बदल रहा है
वही समय
मेरी प्रतीक्षा में
न जाने कब से
ठहरा हुआ है !
उसकी इस विनम्रता से
काल के प्रति मेरा सम्मान-भाव
कुछ अधिक
गहरा हुआ है ।
-कुंवर नारायण
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